Friday, August 31, 2018

चीन : टैक्सी में रेप और हत्या, डीडी चूशिंग की सेवा स्थगित

चीन में टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी डीडी चूशिंग एक बार फिर विवाद में है.
पुलिस के मुताबिक डीडी चूशिंग के एक ड्राइवर ने एक महिला यात्री के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी.
ये आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने अपनी कार पूल सेवा को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है.
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस घटना से ज़ाहिर होता है कि सेवा प्रक्रिया में कुछ ख़ामियां हैं और इसलिए वो पुनर्मूल्यांकन के लिए अपनी हाइटेक सेवा को बंद कर रही है.
चीनी अधिकारियों के मुताबिक जिस महिला की हत्या की गई वो 20 साल की थीं और उन्होंने वेनजो शहर में शुक्रवार को टैक्सी सेवा ली थी.
कंपनी ने अपने बयान में कहा है, "इस घटना से ज़ाहिर है कि हमारी उपभोक्ता सेवा प्रक्रिया में कई ख़ामियां हैं. ये घटना ख़ामी की बहुत बड़ी क़ीमत है."
कंपनी ने डीडी हाइटेक के वाइस प्रेसिडेंट को भी बर्ख़ास्त कर दिया है. ब से कुछ महीने पहले भी ऐसी ही घटना हो चुकी है.
मई के महीने में चीन के जंगजो में एक 21 साल की फ्लाइट अटेंडेंट ने टैक्सी सेवा ली थी और उनकी भी मौत हो गई थी. इसके बाद कंपनी ने अपनी सेवा को कुछ वक़्त के लिए स्थगित किया था और इसका नाम बदलकर डीडी हाईटेक कर दिया था.
पुलिस के मुताबिक हालिया घटनाक्रम में महिला शुक्रवार को स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर एक बजे टैक्सी में सवार हुईं. एक घंटे बाद उन्होंने अपने एक मित्र को मैसेज भेजकर मदद मांगी. इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया.
पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में शनिवार सुबह 27 बरस के ड्राइवर जूंग को गिरफ़्तार किया. पुलिस के मुताबिक उसने बलात्कार और हत्या करने की बात क़बूल की है.
पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि महिला का शव बरामद कर लिया गया है और जांच जारी है.
डीडी चूशिंग ने बताया है कि जूंग का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. लेकिन कंपनी ने ये बात मानी है कि पहले भी उसे इस ड्राइवर के ख़िलाफ़ शिकायत मिली थी.
एक यात्री ने आरोप लगाया था कि ड्राइवर उन्हें सुनसान जगह पर ले गया और कार से उतरने के बाद उसने उनका पीछा किया.
डीडी चूशिंग यात्री ट्रिप के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. रिपोर्टों के मुताबिक बीते तीन साल में ये एक अरब से ज़्यादा ट्रिप कर चुकी है.
ये कंपनी कार मालिकों और यात्रियों के बीच पुल का काम करती है यानी उनके बीच संपर्क स्थापित कराती है.
साल 2016 अमरीका की एप आधारित टैक्सी सेवा उबर ने अपना स्थानीय कारोबार डीडी के हवाले कर दिया था. उबर चीन में लाभ कमाने में नाकाम साबित हुई थी.

Wednesday, August 29, 2018

可持续时装设计,从减少纺织废料开始

克里斯蒂娜·迪安(后文简称“迪”):“”这个词本身是纠正,矫正的意思。所以,繕・Redress想让事物变得“更加美好”;另外,由于这个词本身的构造,所以繕・Redress亦是要改变你的穿衣打扮方式!时装业可持续发展的定义涵盖范围很广,可持续发展的方式也包括了从材料使用,到生产流程,再到社会影响等多个方面。定义之一是“所谓可持续时装设计,就是要尽可能地降低给环境造成的负面影响,并且最大限度地为社会带来正面影响”。

在广义的时装设计定义下,繕・把重点放在减少纺织废料、废水,节约能源和降低化学品使用上。具体地说,我们的“衣酷适再生时尚设计大赛”()重点关注减少纺织废料,这要通过三种可持续设计技术实现,即零废料,回收利用,和变旧为新。根据2013年中国资源综合利用协会的统计显示,中国大陆地区每年来自时装业和时装消费者的纺织废料有两千万吨。根据2012年香港环保署的统计显示,香港垃圾堆填区每天堆填296吨纺织废料。

对时装业而言,可持续设计和生产已经成了不可忽视的问题。这是因为时装业的生存发展依赖于自然资源,而资源短缺和激烈的资源竞争已成为时装业不得不面对的事实。对时装业而言,可持续发展不是潮流,而是必然,不仅受道德驱使,更受利益推动。

对消费者而言,出现在食品与健康行业的可持续发展革命,也逐渐在时尚界显现,尽管后者的发展速度要慢很多。全球的时装消费者正在觉醒,他们逐渐意识到需要知道“谁”在“如何”制造他们的衣服。

刘:为什么选择“时尚中国风”作为本届衣酷适再生时尚设计大赛的主题?

迪:我们希望把全球的目光吸引到中国。一方面,中国有不断增长着的庞大消费群体,而另一方面,这个群体又对可持续时装持开放态度。中国的时装消费者正渐渐远离曾经梦寐以求的西方高端品牌,转而形成自己全新的风格。因此,我们更尊敬中国的文化创造力,也对此更感兴趣。

刘:推广可持续时装有哪些动力和阻碍?

迪:时装业可持续发展的动力有很多,原因各异。一些品牌和设计师追求创新,崇尚道德;一些希望保护自身的品牌形象;还有一些则想要应对材料来源的不确定性,这是因为自然资源价格走高,资源竞争激烈,时装品牌面临着价格的不确定性和价格飙涨的风险。再有一些品牌和供应商担心政府会出台更严格的控污法,因此走在可持续发展的前沿。

我们面临的挑战是,让一个品牌可持续发展的方法多种多样,这让我们很难跟消费者有效地沟通。而且,很多品牌认为消费者并非那么钟情于可持续时装,而很多消费者也并不吐露他们想要可持续时装的心声。

刘:目前,衣酷适再生时尚设计比赛取得了哪些主要成就?

迪:比赛自2011年举办以来发展迅猛,我们很骄傲。许多设计师和设计院校希望了解可持续时装。去年我们在时装设计专业的学生中所做的一项调查结果显示,他们中有97%的人希望学习可持续时装的知识。

业界人士也很支持比赛。包括Esprit、上海滩()在内的许多品牌也希望参与到比赛中,支持比赛,并将可持续的理念注入自己的时尚设计中。这表明,这些高端品牌在可持续设计中看到了希望。

刘:大赛会给设计师和消费者带来怎样的影响?

迪:“衣酷适再生时尚设计大赛”给设计师以灵感和动力,他们从中学习,并引领可持续时装设计的潮流。普遍的观点认为,设计师能够影响一件产品约80%到90%的环境和经济成本。但是,设计师如果不去学习,就无从得知如何让设计“出彩”,而非“不差”。

大赛着重于减少主流时装业的纺织废料,并提倡回收利用和升级再造,让可持续时装更容易被消费者理解。我们的目标是尽可能地开阔消费者的视野,点燃他们追求可持续时装的渴望。

Friday, August 17, 2018

涸礁而渔:香港海鲜贸易背后的潜规则

起香港人们就会想到海鲜。一到晚上,西贡、鲤鱼门和南丫岛的著名海鲜餐馆里挤满了熙熙攘攘的游客。水声淙淙的玻璃水槽从地板摞到天花板,装满了五光十色的海洋生物,游客们指指点点地从里面挑选着自己的晚餐。
对游客而言,海鲜餐馆体现了香港最本土的景观,但他们怎么也想不到这些海鲜和自己一样也是远道而来的。
当地人的确热爱海鲜,香港人的海鲜消费量为亚洲第二,仅次于日本人。但其中只有不到10%来自附近捕捞过度的珠三角水域。恰恰相反,由于独特的历史、贸易联系和文化,香港成为一个全球性的活体岩礁食用鱼贸易( )中心。这项贸易破坏性很强,常常是非法的,但却利润惊人。
香港大学太古海洋科学研究所、 资本基金会和世界自然基金会( )“珊瑚三角”项目最近发布了一项报告,指出常见的野生捕捞岩礁鱼类甚至可能在我们的有生之年就会从盘子里消失。他们说,为了避免这一结果,当务之急就是对整个供应链采取措施。对当地来说,就是加强对参与非法捕捞的香港藉船只的管理。这些船从东南亚非法捕捞岩礁鱼类,再通过香港将其走私到中国大陆。
香港大学生物科学教授薛雯绮(  )是上述报告的第一作者,她说:“我们捕捞海水鱼(包括幼鱼)的速度之快,完全是不可持续的。”
苏眉鱼虽然是自然界中的顶端掠食者,但却因为肉质鲜美而大受食客的欢迎。目前,苏眉鱼已经被国际自然保护联盟列为濒危物种。据薛雯绮说,清水石斑鱼如今也应被列为濒危物种。
主要贸易鱼种处于重压之下,但濒临危机的并不止它们。
氰化物捕鱼就是将浓缩氰化钠喷在礁石上让鱼晕厥,这在活体岩礁食用鱼贸易中十分普遍。这些有毒化学品会杀死珊瑚虫和藻类,并给其他鱼类带来附带损害,令西太平洋中“珊瑚三角区”(有着“海中亚马逊”之称的全球生物多样性中心)里的活珊瑚大片死亡,成为海底荒漠。
海鲜来源国已经意识到这一危险,开始试图取缔或遏制这项贸易。薛雯绮解释说,斐济、帕劳和塞舌尔等太平洋岛国在上世纪八九十年代活体岩礁食用鱼贸易快速增长后就改变了立场。
“他们看到由于捕捞的速度太快、数量太大,导致鱼类数量迅速减少。”她还说,这些国家反对大范围使用氰化物捕鱼,反对在海上等待运输船的过程中捕捞其他岩礁鱼类喂养捕捞上来的活鱼,也反对总是与海鲜贸易如影随形的贿赂和腐败。
薛雯绮估计,香港进口的活体鱼类中只有四成进入合法的销售渠道,而在这四成中也有部分的来源非法。其余的都通过海陆空走私网络被偷偷运过边境送往中国大陆,这伎俩让商人们赚得盆满钵满。
大多数经由香港转运的活体岩礁鱼类都来自菲律宾和印尼。这两个国家的法律都禁止出口野外捕捞的岩礁鱼活体,但由于缺少资源和需要巡逻的海域宽广,执法力度非常薄弱。当香港来的船只进入印尼水域来收海鲜时,他们都是假装采购养殖鱼而非野生的鱼类,当地人在利益驱使下也为其大开方便之门。
对于香港这样一个海域较小且资金雄厚的现代大都市,要打击非法海鲜贸易并不困难。但由于相应的法律陈旧,存在漏洞,导致这个从严格意义上来说无论是在产地还是目的地国家都不合法的生意却能风生水起,几乎不受任何惩罚。
按照法律定义,所有运到香港的 “海鱼”都是死的,都必须通过该地区的鱼类统营处(FMO)才能上市。和世界其他任何地方一样,进港的货船都必须向海关机构申报。但由于相关法律是在活体岩礁食用鱼贸易繁盛之前制定的,其中的漏洞导致通过海路或空运进来的活鱼不必向鱼类统营处报告,因为它们根本没有被列为“海鱼”。贸易、运输和物流等各个环节的从业者都在钻空子,这个空子是香港活体海鲜贸易相关规定薄弱、过时,相关法律存在漏洞和执法不力造成的。”世界自然基金会“珊瑚三角”项目的高级经理及上述报告的联合作者杰弗里·穆尔登博士如是说。
尽管该法律在2007年进行过修订,要求大型船只在14天内对所载活鱼进行申报,但这条规定几乎形同虚设。与其他船只不同,渔船不受追踪控制,进出也无须向相关部门报告。出于未知的原因,海事部门的头头免去了它们的这一义务。这是很久之前留下的习惯,那时香港的渔船如潮水般涨落穿梭,无论渔民还是官员都将这种监管视为一种不切实际的负担。
ADM资本基金会的环境主管索菲·勒科勒称香港“在活鱼销售和运输中一贯存在蓄意偷税漏税、监管不力以及不够透明的现象。”穆尔登、薛雯绮、以及报告的其他联合作者都呼吁有关方面遏制上述现象。
他们说,有关部门必须对活鱼进口的法律进行根本性的修订,完善船只的申报和可追溯性,加强对活鱼运输业者的管控。此外,诸如要求在聚苯乙烯运输容器上开窗、为更多鱼类品种制订商品编码也可扩大监管。

Tuesday, August 14, 2018

आशुतोष ने दिया आम आदमी पार्टी से इस्तीफ़ा

पत्रकारिता छोड़कर आम आदमी पार्टी में आए आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.
आशुतोष ने ट्विटर पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की और कहा कि वे निजी कारणों से ऐसा कर रहे हैं.
ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "सभी सफ़र ख़त्म होते हैं. आप के साथ मेरे सुंदर/क्रांतिकारी ताल्लुकात ख़त्म हो गए हैं. मैंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है. यह पूरी तरह से व्यक्तिगत कारणों से है. पार्टी और अन्य सभी लोगों का जिन्होंने मेरा साथ दिया उनका धन्यवाद. धन्यवाद."
पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए आशुतोष ने 2014 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे. उसी साल लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक से पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए थे लेकिन तीन लाख से अधिक वोट लाने के बावजूद चुनाव में वो हर्षवर्धन से हार गए थे.
उसी दौरान कुमार विश्वास, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, शाज़िया इल्मी, कैप्टन गोपीनाथ जैसे कई लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े थे लेकिन ये सभी पार्टी छोड़ चुके हैं.
उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बेहद क़रीबी माना जाता रहा है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशुतोष राज्यसभा नहीं भेजे जाने की वजह से नाराज़ चल रहे थे.
आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा में भेजा था.
आशुतोष के इस्तीफ़े के बाद आम आदमी पार्टी में उनके साथी रहे कुमार विश्वास ने ट्वीट करके पार्टी और शीर्ष नेतृत्व पर तंज़ किया है.
सात मार्च 1971 के दिन ढाका का रेसकोर्स मैदान लोगों से खचाखच भरा था. वहाँ मौजूद लगभग दस लाख लोगों के हाथों में बांस के डंडे थे, पाकिस्तानी सैनिकों के संभावित हमले से बचने के लिए नहीं, बल्कि एक प्रतिरोध या अवज्ञा के प्रतीक के तौर पर.
आज़ादी के पक्ष में नारे रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे. भीड़ का जायज़ा लेने के लिए पाकिस्तानी सेना का एक हेलिकॉप्टर ऊपर चक्कर लगा रहा था. सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए रेडियो पाकिस्तान का ढाका स्टेशन शेख़ मुजीब के उस भाषण को पूरे प्रांत में लाइव प्रसारित करने की अंतिम तैयारी कर रहा था.
हालांकि सेना ने भी उनकी इस कोशिश को विफल करने की पूरी तैयारी कर रखी थी. शेख़ मुजीब ने बोलना शुरू किया. वो भाषण नहीं एक ललकार थी पाकिस्तानी सैनिक शासन के ख़िलाफ़.
बाद में इसे उपमहाद्वीप में दिए गए सभी राजनीतिक भाषणों में सबसे ऊँचे पायदान पर रखा गया.
कुछ दिनों बाद समस्या का राजनीतिक हल ढ़ूँढ़ने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति याहया ख़ाँ ढाका पहुँचे. फ़ौरन ही संकेत मिलने लगे थे कि याहया ख़ाँ सत्ता सौंपने की पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की माँग को अस्वीकार करने जा रहे थे.
23 मार्च को जब शेख़, याहया से बात करने प्रेसीडेंट हाउस गए तो उनकी कार में बांग्लादेश का झंडा लगा हुआ था, मानो वो आज़ाद बंगाली राज्य के नेता के पद पर आसीन हो चुके हों.मार्च की शाम होते-होते ये ख़बर फैलने लगी कि राष्ट्रपति याहया ख़ाँ अपने दल सहित वापस पाकिस्तान लौट गए हैं. रात साढ़े ग्यारह बजे लगा कि जैसे पूरे शहर पर पाकिस्तानी सेना ने हमला बोल दिया हो.
ऑपरेशन सर्चलाइट की शुरुआत हो चुकी थी. सैयद बदरुल अहसन अपनी किताब फ़्रॉम रेबेल टु फ़ाउंडिंग फ़ादर में लिखते हैं कि शेख़ की सबसे बड़ी बेटी हसीना ने उन्हें बताया कि जैसे ही गोलियों की आवाज़ सुनाई दी, शेख़ ने वायरलैस से संदेश भेज बांग्लादेश की आज़ादी की घोषणा कर दी.
मोदी ने बांग्लादेशियों की आशंका को झुठला दिया!
शेख़ ने कहा, "मैं बांग्लादेश के लोगों का आह्वाहन करता हूँ कि वो जहाँ भी हों और जो भी उनके हाथ में हो, उससे पाकिस्तानी सेना का प्रतिरोध करें. आपकी लड़ाई जब तक जारी रहनी चाहिए जब तक पाकिस्तानी सेना के एक-एक सैनिक को बांग्लादेश की धरती से निष्कासित नहीं कर दिया जाता."
रात को क़रीब एक बजे पाकिस्तानी सेना का एक दल, 32 धनमंडी स्थित शेख़ मुजीब के घर पर पहुंचा जहाँ शेख़ मुजीब उनका इंतज़ार कर रहे थे. गेट पर पहुंचते ही सैनिकों ने ताबड़तोड़ गोलियाँ चलानी शुरू कर दी. शेख़ की सुरक्षा देख रहे एक स्थानीय सुरक्षा कर्मी को भी एक गोली लगी और उसकी तुरंत मौत हो गई.
सेना के एक अफ़सर ने लाउडस्पीकर पर चिल्ला कर कहा कि शेख़ नीचे आकर सेना के सामने आत्म समर्पण करें. शेख़ खुद नीचे चल कर आए जहाँ सेनिकों ने बंदूक़ों के बट से धक्का देते हुए उन्हें एक जीप में बैठाया और वहाँ से निकल गए.
शेख़ को गिरफ़्तार करने वाले अफ़सर ने वायरलेस पर संदेश दिया, "बिग बर्ड इन केज, स्मॉल बर्ड्स हैव फ़्लोन.'' (बड़ी चिड़िया पिंजड़े में हैं, छोटी चिड़िया उड़ गई हैं)
बदरुल अहसन लिखते हैं कि शेख़ को गिरफ़्तार करने वाले अफ़सर ने जनरल टिक्का खाँ से फ़ोन पर पूछा, "क्या वो चाहते हैं कि शेख़ मुजीब को उनके सामने पेश किया जाए."
जनरल ने ग़ुस्से में जवाब दिया था, "मैं उसका चेहरा नहीं देखना चाहता." शेख़ को तीन दिनों तक कैंटोनमेंट के आदमजी कॉलेज में रखा गया और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान ले जाया गया.